बाल विकास में बालक का भाषा विकास और भाषा विकास सिद्धान्त

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भाषा विकास 

पावलाॅव- बालक भाषा शब्द  व अर्थ के मध्य सम्बन्ध स्थापित करके सीखता है। इस सम्बन्ध को पावलाॅव ने अनुबधन कहा है।

बालक भाषा अनुबंधन से सीखता है।

स्किनर- बालक भाषा अनुकरण व पुनर्बलन से सीखता है।

बांडुरा-  बालक भाषा अनुकरण से सीखता है।

भाषा विकास सिद्धान्त 

प्रवर्तक- नोम चाॅमस्की

नोम चाॅमस्की का मानना है कि बालक में भाषा ग्रहण करने की जन्मजात प्रवृति होती है।

भाषा अर्जन यंत्र एलऐडी [LAD- Language Acquired Device] के नाम से जाना जाता है।

नेम चाॅमस्की के अनुसार बालक जिस भाषा को सुनता है उसकी व्याकरण को अपने आप सीख जाता है। इसलिए इस सिद्धान्त को जनरेटिव ग्रामर थ्योरी भी कहा जाता है।

व्हार्फ के द्वारा भाषा सापेक्षता प्राक्कल्पना का सम्प्रत्यय दिया।


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