बाल विकास सिद्धांत:- सामाजिक-सास्कृतिक सिद्धान्त या संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त

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सामाजिक-सास्कृतिक सिद्धान्त या संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त

प्रवर्तक- वाइगोत्सकी

  • वाइगोत्सकी का मानना है कि बालक को संज्ञानात्मक विकास पर सामाजिक कारक व भाषा का महत्वपुर्ण प्रभाव पडता है।
  • इसीलिए इस सिद्धान्त को सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धान्त अथवा सामाजिक सांस्कृतिक रचनावाद के नाम से भी जाना जाता है।
  • इस सिद्धान्त के अनुसार परिस्थिति में सम्पन्न होता है। अर्थात् कुशल व विद्धान व्यक्तियों के साथ अन्तःक्रिया के माध्यम से बालक का विकास होता है।
  • इसीलिए इस सिद्धान्त को समीपस्थ विकास का क्षेत्र जेडडीपी (ZDP) भी कहा जाता है।

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