बाल विकास सिद्धांत:- मनोसामाजिक विकास सिद्धान्त

यहां आप विश्वशनीय किताबों पर आधारित मनोविज्ञान और बाल विकास पूर्ण रूप से पढ़ सकते हैं। मनोविज्ञान और बाल विकास और अन्य कक्षाओं के विज्ञान, गणित और अन्य NCERT बुक नोट्स, समाधान, अभ्यास पत्र, आदि के लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

मनोविज्ञान और बाल विकास से सम्बंधित महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

मनोसामाजिक विकास सिद्धान्त

प्रवर्तक- एरिक्सन

एरिक्सन को नव्य फ्रायडवादी माना जाता है। क्योंकिं एरिक्सन सिग्मण्ड फ्रायड के विचारों से काफी हद तक सहमत था।

लेकिन  एरिक्सन का मानना था कि बालक के विकास पर काम प्रवृति का नही बल्कि सामाजिक अनुभूतियों का प्रभाव पड़ता है।

एरिक्सन ने अपनी पुस्तक चाइल्डहुड एण्ड सोसाइटी के अन्तर्गत कहा की मनुष्य केवल जैविक प्राणी न होकर एक सामाजिक प्राणी भी हैं

एरिक्सन ने इसके अन्तर्गत 8 अवस्थाऐं बताई है।

उम्र                                     अवस्था

0 - 2 वर्ष                      विश्वास बनाम अविश्वास की अवस्था

3 - 4 वर्ष                      स्वतंत्रता बनाम संदेह की अवस्था

5 - 6 वर्ष                      आत्मबल बनाम अपराध की अवस्था

7 - 12 वर्ष                     परिश्रम बनाम हीनता की अवस्था

13 - 18 वर्ष                    पहचान बनाम भूमिका की अवस्था

19 - 35 वर्ष                    घनिष्ठता बनाम अलगाव की अवस्था

36 - 55 वर्ष                    उत्पादकता बनाम निष्क्रियता की अवस्था

55 वर्ष के बाद                   ईमानदारी बनाम निराशा की अवस्था


      THANKS FOR READING    


मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-
 शिक्षा मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-

बाल विकास के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-



Post a Comment

Previous Post Next Post