विकास को प्रभावित करने वाले कारक

यहां आप विश्वशनीय किताबों पर आधारित मनोविज्ञान और बाल विकास पूर्ण रूप से पढ़ सकते हैं। मनोविज्ञान और बाल विकास और अन्य कक्षाओं के विज्ञान, गणित और अन्य NCERT बुक नोट्स, समाधान, अभ्यास पत्र, आदि के लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

मनोविज्ञान और बाल विकास से सम्बंधित महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री के लिए नीचे स्क्रॉल करें। 

विकास को प्रभावित करने वाले कारक

     1. वंशानुक्रम

वंशानुक्रम - यह विकास को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक है। बालक को अपने माता-पिता व पूर्वजों की जो विशेषताऐं जन्म या गर्भाधान के समय से प्राप्त होती है। उसे वंशानुक्रम या अनुवांशिकता कहते हैं।

वंशानुक्रम के सिद्धान्त

  • बीजमैन का जननद्रव की निरन्तरता का सिद्धान्त - इस सिद्धान्त के अनुसार शरीर का निर्माण करने वाला जननद्रव कभी भी नष्ट नहीं होता यह पीढ़ी दर पीढ़ी निरन्तर हस्तानान्तरित होता रहता है। यही कारण है कि पीढ़ी दर पीढ़ी में गुणों का सचरण होता रहता है।
  • उपार्जित गुणों का असंचरण का सिद्धान्त ’’बीजमैन’’ - इस सिद्धान्त के अनुसार अर्जित गुणों का संचरण नहीं होता है। इसके समर्थक बीजमैन है जो चूहों की पुंछ काटते थें।
  • उपार्जित गुणों के संचरण का सिद्धान्त - इस सिद्धान्त के अनुसार अर्जित गुणों का संचरण होता है। इसके सर्मथक लैमार्क है जो जिराफ की गर्दन का कथन कहते है।
  • गाल्टन का जीव-सांख्यिकी/बायोमैट्रिक सिद्धान्त - इस सिद्धान्त के अनुसार बालकों में गुणों का संचरण केवल माता-पिता से न होकर पुर्वजों से भी होता है।
  • मेण्डल का सिद्धान्त - मेण्डल ने मटर के दानों तथा काले व सफेद चुहों पर प्रयोग कर यह निष्कर्ष निकाला कि एक ही माता-पिता से उत्पन्न संतानों में भी भिन्नता पाई जाती है।

वंशानुक्रम के नियम

  • समानता का नियम:- माता-पिता जैसी संतान।
  • भिन्नता का नियम:- माता-पिता से कुछ भिन्न संतान।
  • प्रत्यागमन का नियम:- माता-पिता के ठिक विपरित संतान।


    2. वातावरण

यह विकास को प्रभावित करने वाला दूसरा प्रमुख कारक है।

वतावरण - पर्यावरण - परि+आवरण

अर्थात् जो कुछ भी हमें चारों ओर से घेरे हुए है वही पर्यावरण है।

राॅस के अनुसार - वातावरण कोई बाहरी शक्ति है जो हमें प्रभावित करती है।

नोट्:- वातावरण के अन्तर्गत बाक एक उच्च संगठित उर्जा तंत्र है।

पारिवारिक वातावरण:- परिवार अनोपचारिक शिक्षा का मुख्य साधन है। जिसके अन्तर्गत मां की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मां बालक की प्रथम गुरु होती है।

फ्रोबेल के अनुसार:- माताऐं आदर्श अध्यापिकाऐं हैं तथा परिवार द्वारा दी जाने वाली शिक्षा अनौपचारिक शिक्षा महत्वपूर्ण व प्रभावशाली है।

पेस्टालाॅजी के अनुसार:- परिवार सीखने का सर्वोत्तम स्थन व बालक का प्रथम विघालय है।

परिवार के अन्दर भिन्न कारक आते है-

  • परिवार की आर्थिक स्थिती
  • माता-पिता का पक्षपातपुर्ण व्यवहार
  • माता-पिता का असंतोषजनक वैवाहिक जीवन
  • अत्याधिक ममता व लाड़-प्यार
  • कटोर अनुशासन व नियंत्रण आदि

विघालयी वातावरण 

विघालय औपचारिक शिक्षा का मुख्य साधन है। जिसके अन्तर्गत शिक्षक की महत्वपुर्ण भूमिका है।

फ्रोबेल के अनुसार:- शिक्षक बालोद्यान का कुशल माली है। जर्मनी में ब्लेकेनबर्ग पर 1837 में पहला पूव्र प्राथमिक विघालय किंडरगार्डन की स्थापना कर पुर्व-प्राथमिक शिक्षा को जन्म दिया।

विघालय के अन्तर्गत निम्न कारक आते है-

  • विघालय का भौतिक वातावरण।
  • दोषपुर्ण पाठ्क्रम।
  • अनुचित शिक्षण विधियों का प्रयोग।
  • शिक्षक द्वारा बालक की खुली निन्दा।
  • भीड़ भरी कक्षाऐं।
  • बालक को समस्यात्मक कहकर उसकी अवेलना करना। 

सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण

  • आस-पड़ोस
  • सिनेमा
  • मित्र व साथी
  • सामाजिक रीति रिवाज
  • पुर्वागृह व अंधविश्वास
  • समुदाय व संस्कृति
  • भाषा, रहन-सहन, खान-पान आदि

भौगोलिक वातावरण

  • निर्देशन व परामर्श
  • अभिप्ररेणा व पुनर्बलन
  • मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति
  • प्रेम व सहानुभूतिपूर्व व्यवहार आदि

मनोवैज्ञानिक वातावरण

जनसंचार माध्यम

परिपक्वता व अधिगम

सर्वप्रथम परिपक्वता शब्द का प्रयोग अरनोल्ड, गैसेल के द्वारा किया गया।

विकास को प्रभावित करने वाला तीसरा प्रमुख कारक।

परिपक्वता का सम्बंध वंशानुक्रम से होता है और अधिगम का सम्बंध वातावरण से होता है।

अधिगम पर परिपक्वता का प्रभाव पड़ता है लेकिन परिपक्वता पर अधिगम का प्रभाव नहीं पड़ता।

व्यक्ति का विकास वंशानुक्रम, वातावरण, परिपक्वता व अधिगम का प्रतिफल है।


      THANKS FOR READING    


मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-
 शिक्षा मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-

बाल विकास के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-

Post a Comment

Previous Post Next Post