शिक्षा मनोविज्ञान

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शिक्षा मनोविज्ञान

शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों शिक्षा और मनोविज्ञान से मिलकर बना है। जिसमें शिक्षा का अर्थ व्यवहार का परिमार्जन करना होता है और मनोविज्ञान का अर्थ व्यवहार का अध्ययन करना होता है।

शिक्षा शब्द शिक्ष+अ से मिलकर बना जिसका अर्थ जानना/सीखना होता है।

Education शब्द की निम्न शब्दों से उत्पत्ति मानी जाती है 

                  Educatum = E+Duco जिसमें अन्दर व Duco का अर्थ बाहर निकालना होता है।

                    Educare का अर्थ नेतृत्व करना या आगे बढ़ना होता है। 

                    Educere का अर्थ बाहर निकालना होता है। 

शिक्षा का व्यापक अर्थ के लिए तीन प्रश्नों के जबाव मिलना जरूरी है।

शिक्षा किसकें लिए - निश्चित लक्ष्य के लिए 

शिक्षा क्या करती है- अपने व्यवहार में परिवर्तन या परिमार्जन प्रक्रिया

शिक्षा किससे प्राप्त - विघालय, परिवार, या समाज से

शिक्षा के भावात्मक व नियामक दो पक्ष होते है।

व्यवहार के परिमार्जन के लिए व्यवहार का अध्ययन करना ही शिक्षा मनोविज्ञान है।

मनोविज्ञान के नियमों और मनोविज्ञान के सिद्धांतों का शिक्षा के क्षेत्र में अनुप्रयोग करते है व मनोविज्ञान ही शिक्षा मनोविज्ञान है।

काल्सेनिक के अनुसार - 5 वी ई.पु. युनानी दार्शनिकों के साथ/ से शिक्षा मनोविज्ञान का प्रारम्भ होता है।

शिक्षा मनोविज्ञान की अत्पत्ति 1900 ई. लेकिन स्पष्ट रूप से उत्पत्ति 1920 से थार्नडाइक, जड़, टरमन के प्रयास से मानी जाती है।

बी.एफ. स्किनर - शिक्षा मनोविज्ञान का आरम्भ अरस्तु से होता है।

अरस्तु की अध्ययन पद्धति इस प्रकार थी- मनोविज्ञान के नियम व सिद्धांत के अनुसार अलग अलग विधियों से अलग अलग शिक्षा जो स्वतंत्र एवं मुक्त होनी चाहिए।

रूसों की प्रकृतिवादी विचार धारा थीं। रूसों को शिक्षा मनोविज्ञान का जनक माना जाता है। रूसों ने शिक्षा मनोविज्ञान के आन्दोलन का सुत्रपात किया था।

प्राणी का विकास प्रकृति में स्वतंत्र रूप से होना चाहिए।

स्टेनली हाॅल को बालविकास का जनक व बाल विकास से सम्बन्धित माना जाता है।

सर्वप्रथम बालकों के व्यवहार का अध्ययन करने के लिए प्रश्नावली का निर्माण स्टेनली हाॅल ने किया।

जाॅन डयूीव ने शैक्षिक व्यवहार पर बल दिया यह अमेंरिका के थे।

अमेरिका के शिकागों में 1890 में शिक्षा मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला स्थापित कि गई।

थार्नडाईक ने सीखने के नियम दिए। शिक्षा के क्षैत्र पर इन नियमों पर मनोविज्ञान के नियमों एवं सिद्धांतों का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा।

थार्नडाईक प्रथम शैक्षिक मनोवैज्ञानिक थे।

शिक्षा मनोविज्ञान की स्वतंत्र उत्पत्ति/ शाखा 1920 में बनी।

टरमन ने बुद्धि के परिक्षणों का निर्माण कियां

रूसों ने बालक एक पुस्तक के समान होता है जिसका अध्ययन प्रत्येक अध्यापक को करना चाहिए।

शिक्षा मनुष्य की जन्मजात या आन्तरिक शक्तियों का अभिव्यक्तिकरण है।

शिक्षा का उद्धेश्य बालक का सर्वागीण विकास जिसके अन्दर मानसिक, सामाजिक, नैतिक व आध्यात्मिक होना चाहिए।

प्राचीन भारतीय मुनियों के अनुसार - ’सा विघा या वियुक्तयें’ शिक्षा वही जो मुक्ति प्रदान करें।


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 शिक्षा मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक निम्न प्रकार है-

शिक्षा मनोविज्ञान

शिक्षा मनोविज्ञान की परिभाषाऐं

शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति

शिक्षा मनोविज्ञान के कार्य क्षेत्र व उपयोगिता(महत्त्व)

शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया

 

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विकास की अवस्थाऐं और गर्भावस्था

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विकास :- परिभाषाऐंप्रमुख नियम /सिद्धान्त

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बाल विकास सिद्धांत :- जीन पियाजे का नैतिक विकास सिद्धान्त

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बाल विकास सिद्धांत:- सामाजिक-सास्कृतिक सिद्धान्त या संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त

बाल विकास सिद्धांत:- समाजिक सावेंगिक विकास का पारिस्थितिपरक सिद्धान्त

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