ü प्रोटीन को खोज मूलर ने की व नाम ब्रजीलियस ने दिया।
ü प्रोटीन कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सिजन, नाइट्रोजन, सल्फर, और फॉस्फोरस से मिलकर बने होते है।
ü प्रोटीन का निर्माण 20 प्रकार के अमिनो अम्ल करते है।
ü अमीनो अम्ल को प्रोटीन की सरंचनात्मक व क्रियात्मक इकाई कहते है।
ü प्रोटीन दूध , अंडा, मास, दाल व शैवाल से प्राप्त की जाती है।
ü शैवाल से सर्वाधिक ज्यादा व शैवाल में भी स्पाईरुलिना से सर्वाधिक मात्रा (58%) में प्रोटीन प्राप्त होती है।
ü एक अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष मे क्लोरेला शैवाल को साथ मे ले जाता है। क्योंकि इसमें भरपूर प्रोटीन होता है।
ü दाल में सर्वाधिक मात्रा में प्रोटीन सोयाबीन से (42-46%) प्राप्त होता है।
ü प्रोटीन 3 प्रकार की होती है--
सरल प्रोटीन
ü वह प्रोटीन जिसका निर्माण 20 प्रकार के अमीनो अम्ल करते है।
ü हमारे शारीर के बाल व नाखून बिल्कुल शुद्ध किरेटिन प्रोटीन से बनते है।
ü मांसपेशियों में मायोसीन प्रोटीन होती है।
ü हड्डियों में ओसीन प्रोटीन होती है।
ü लार में म्यूसिन प्रोटीन छोटी है।
ü दूध में केसिन प्रोटीन होती है।
ü अंडे में एल्ब्युमिन प्रोटीन होती है।
ü प्लाज्मा में एल्ब्युमिन व ग्लोब्युमिन दोनों प्रोटीन उपस्थित होती है।
ü दाल में प्रोलेक्टिन प्रोटीन उपस्थित होती है।
सयुंक्त प्रोटीन
ü वह प्रोटीन जिसका निर्माण 20 प्रकार के अमीनो अम्ल व प्रोस्थेटिक समूह से होता है।
ü फॉस्फोरस + प्रोटीन= फोस्फो-प्रोटीन
ü लिपिड + प्रोटीन = ल्यूकोप्रोटीन
ü लोहा + प्रोटीन = क्रोमोप्रोटीन (हीमोग्लोबिन भी क्रोमोप्रोटीन ही है)
3.व्युत्पन्न प्रोटीन
ü पेप्टोन व पेप्टाइड व्युत्पन्न प्रोटीन है।
ü प्रोटीन को कमी से क्वाशियोकोर व मेरेस्मश रोग हो जाते है। इन्हें सूखा रोग भी कहते है।
ü इस रोग में हड्डियां कमजोर हो जाती है और शरीर मे सूजन आ जाती है।
ü शरीर को 15% ऊर्जा प्रोटीन से प्राप्त होती है।
ü
प्रोटीन
हमारे शरीर की कोशिकाओं की मरमत करने का कार्य करता है ।