CARBOHYDRATES

कार्बोहाइड्रेट कार्बन , हाइड्रोजन और ऑक्सिजन से मिलकर बना होता है। 


कार्बोहाइड्रेट का निश्चित अनुपात होता है( 1:2:1)

कार्बोहाइड्रेट का सूत्र (CH₂O)  होता है।

कार्बोहाइड्रेट शरीर को तीव्र गति से ऊर्जा प्रधान करती है। 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से 4 किलो केलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।

समस्त अनाज से कार्बोहाइड्रेट प्राप्त किया जाता है। जैसे - गेंहू, मक्का, बाजरा, ज्वार, चावल आदि।

 चावल से सर्वाधिक मात्रा में प्राप्त किया जाता है।

 फलों में केले से सर्वाधिक कार्बोहाइड्रेट प्राप्त होता है।

 कार्बोहाइड्रेट शर्करा होती है। शर्करा को सेकेराइड कहते है।

 सेकेराइड तीन प्रकार की होती है--

 मोनोसैकेराइड

 मोनोसैकेराइड एक साधारण शर्करा है। यह जल में विलय होती है।

 मोनोसैकेराइड को अनाज, फल और शहद से प्राप्त किया जाता है।

जैसे ग्लूकोज, ग्लेक्टोज और फ्रक्टोज

 ग्लूकोज सर्वाधिक मात्रा में पाई जाती है। इसे अनाज से प्राप्त किया जाता है।

 फ्रक्टोज सबसे मीठी मोनोसैकेराइड है। और इसे फलों से प्राप्त किया जाता है।

 Note:- मधुमक्खी के शहद में फ्रक्टोज शर्करा सर्वाधिक मात्रा में पाई जाती है।

 ग्लेक्टोज सबसे कम मीठी मोनोसैकेराइड है।

मोनोसैकेराइड का सूत्र C6H12O6 होता है।

 

डाइसैकेराइड

 दो मोनोसैकेराइड मिलकर डाइसैकेराइड का निर्माण होता है।

 डाइसैकेराइड सयुंक्त शर्करा है।

 डाइसैकेराइड जल में विलय होती है।

 माल्टोज = ग्लूकोज + ग्लूकोज

 लेक्टोज = ग्लोकोज + गलैक्टोज

 सुक्रोज =  ग्लूकोज + फ्रक्टोज

 सुक्रोज मीठी शर्करा है इसे चीनी शर्करा भी कहते है।

 लेक्टोज को दूध से प्राप्त किया जाता है।

 माल्टोज को कनज से प्राप्त किया जाता है।

 सुक्रोज को रशीले फलों से अधिक मात्रा में प्राप्त किया जाता है।

 डाइसैकेराइड का सूत्र C₁₂H₂₂O₁₁ होता है। 

 

पॉलीसकैराइड

पॉलीसकैराइड मिश्रित शर्करा है। 

पॉलीसकैराइड जल में अविलेय है। लेकिन एल्कोल, बेंज़ीन ईथर में विलयशील है।

सेल्यूलोज = लकड़ी, कागज पत्तियों से प्राप्त।

स्टार्च = चावल, आलू से प्राप्त।

ग्लाइकोजन= ग्लूकोज़ से प्राप्त।

नोट:- स्टार्च का पाचन मानव शरीर से मुख से प्रारम्भ हो जाता है। स्टार्च का पाचन टायलिन एंजाइम करता है।

सेल्युलोज को पाचन मानव शरीर मे नही होता है। लेकिन पशुओं के शरीर में होता है।

पशुओं के शरीर मे सेल्युलोज का पाचन अपेंडिक्स करता है।

मानव शरीर मे अपेंडिक्स अल्प विकसित होती है। और पशुओं के शरीर मे अपेंडिक्स पूर्ण विकसित होती है। इस कारण इनके शरीर मे सेल्युलोज का पाचन हो जाता है।

 सेल्युलोज का सूत्र (C₆H₁₀O₅ )होता है।


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